कुरान - 21:23 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

23
لَا يُسۡـَٔلُ عَمَّا يَفۡعَلُ وَهُمۡ يُسۡـَٔلُونَ

Transliteration: (Laa yus'alu 'ammaa yaf'alu wa hum yus'aloon)

23. वह जो कुछ करता है उससे कोई पूछने वाला नहीं, बल्कि उन सब (बन्दों) से बाज़पुर्स की जाएगी [33] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 23 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 23 की तफ़सीर

"वह जो कुछ करता है उससे कोई पूछने वाला नहीं, बल्कि उन सब (बन्दों) से बाज़पुर्स की जाएगी [33] ।"

[33] अल्लाह की हाकिमियते मुतलक़ा और बंदों की जवाबदेही

अल्लाह तआला मालिके मुतलक़ और हक़ीक़ी हाकिम है। उसके किसी काम पर किसी को एतराज़ करने या उससे सवाल पूछने का कोई हक़ नहीं:

  • वह हकीम (हिकमत वाला) और आदिल (इंसाफ़ वाला) है; उसका हर फ़ैसला ऐन हिकमत और अदल पर मबनी होता है।

  • इसके बरअक्स, तमाम इंसान और मख़लूक़ात अल्लाह की बारगाह में जवाबदेह हैं। क़ियामत के दिन हर इंसान से उसके एक-एक अमल, कौल और नेअमत के बारे में बाज़पुर्स (हिसाब) होगी।

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