कुरान - 21:41 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

41
وَلَقَدِ ٱسۡتُهۡزِئَ بِرُسُلٖ مِّن قَبۡلِكَ فَحَاقَ بِٱلَّذِينَ سَخِرُواْ مِنۡهُم مَّا كَانُواْ بِهِۦ يَسۡتَهۡزِءُونَ

Transliteration: (Wa laqadis tuhzi'a bi-Rusulim min qablika fahaaqa billazeena sakhiroo minhum maa kaanoo bihee yastahzi'oon (section 3))

41. और यक़ीनन आपसे पहले भी रसूलों का मज़ाक़ उड़ाया गया था [64], तो मज़ाक़ उड़ाने वालों को उसी चीज़ ने आ घेरा जिसका वे मज़ाक़ उड़ाते थे [65] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 41 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 41 की तफ़सीर

"और यक़ीनन आपसे पहले भी रसूलों का मज़ाक़ उड़ाया गया था [64], तो मज़ाक़ उड़ाने वालों को उसी चीज़ ने आ घेरा जिसका वे मज़ाक़ उड़ाते थे [65] ।"

[64] रसूलुल्लाह (ﷺ) के लिए तसल्ली

इस आयत में अल्लाह तआला ने अपने हबीब (ﷺ) को तसल्ली दी कि काफ़िरों की बद-कलामी और मज़ाक़ से आप रंजीदा न हों। आपसे पहले जितने अंबिया-ए-किराम (अलैहिमुस्सलाम) तशरीफ़ लाए, उन सबकी क़ौमों ने भी इसी तरह उनका मज़ाक़ उड़ाया था। यह काफ़िरों की पुरानी रीत है।

[65] मज़ाक़ उड़ाने वालों का बुरा अंजाम

अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि जिन लोगों ने अपने रसूलों और अज़ाब का मज़ाक़ उड़ाया, बिल-आख़िर उसी अज़ाब ने उन्हें चारों तरफ़ से घेर लिया और वे तबाह व बर्बाद कर दिए गए। मक्का के मुशरिक़ीन को भी ख़बरदार किया गया कि अगर वे अपनी सरकशी से बाज़ न आए, तो उनका अंजाम भी पिछली हलाकशुदा क़ौमों जैसा ही होगा।

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