कुरान - 21:56 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

56
قَالَ بَل رَّبُّكُمۡ رَبُّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ ٱلَّذِي فَطَرَهُنَّ وَأَنَا۠ عَلَىٰ ذَٰلِكُم مِّنَ ٱلشَّـٰهِدِينَ

Transliteration: (Qaala bar Rabbukum Rabbus samaawaati wal ardil lazee fatarahunna wa ana 'alaa zaalikum minash shaahideen)

56. इब्राहीम ने कहा, 'नहीं, बल्कि तुम्हारा रब तो आसमानों और ज़मीन का रब है जिसने उन्हें पैदा किया है [87]; और मैं इस बात पर गवाही देने वालों में से हूँ [88] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 56 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 56 की तफ़सीर

"इब्राहीम ने कहा, 'नहीं, बल्कि तुम्हारा रब तो आसमानों और ज़मीन का रब है जिसने उन्हें पैदा किया है [87]; और मैं इस बात पर गवाही देने वालों में से हूँ [88] ।'"

[87] ख़ालिक़ ही इबादत का मुस्तहिक़ है

हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने साफ़ फ़रमाया कि माबूद वह नहीं जो खुद मख़लूक़ और तराशा हुआ हो, बल्कि हक़ीक़ी रब वह है जो सारे आसमानों और ज़मीन का ख़ालिक़ व मालिक है जिसने इन सबको अदम से वजूद बख़्शा।

[88] तौहीद की शहादत

हज़रत इब्राहीम ने ऐलान फ़रमाया कि मैं इस हक़ीक़त पर अपनी बसीरत और इल्मे यक़ीन के साथ गवाही देता हूँ। उस वक़्त पूरी क़ौम के मुक़ाबले में अकेले हज़रत इब्राहीम तौहीद के अज़ीम गवाह बनकर खड़े थे।

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