कुरान - 21:66 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

66
قَالَ أَفَتَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَنفَعُكُمۡ شَيۡـٔٗا وَلَا يَضُرُّكُمۡ

Transliteration: (Qaala afata'budoona min doonil laahi maa laa yanfa'ukum shai'anw wa laa yadurrukum)

66. इब्राहीम ने कहा, 'तो क्या तुम अल्लाह को छोड़कर ऐसी चीज़ों की पूजा करते हो जो न तुम्हें कुछ भी नफ़ा पहुंचा सकती हैं और न तुम्हें कोई नुक़्सान [97]?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 66 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 66 की तफ़सीर

"इब्राहीम ने कहा, 'तो क्या तुम अल्लाह को छोड़कर ऐसी चीज़ों की पूजा करते हो जो न तुम्हें कुछ भी नफ़ा पहुंचा सकती हैं और न तुम्हें कोई नुक़्सान [97]?'"

[97] बुतों की बेबसी और बुतपरस्ती की बे-अक़्ली

हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने मुशरिक़ीन की अक़्लों पर ज़बरदस्त चोट करते हुए फ़रमाया कि जब ये मूर्तियाँ खुद अपने टूटने का बदला नहीं ले सकीं और न अपने आपको बचा सकीं, तो फिर वे तुम्हें क्या नफ़ा दे सकती हैं और न मानने पर तुम्हारा क्या बिगाड़ सकती हैं? जो चीज़ किसी नफ़ा व नुक़्सान की मालिक न हो, उसे ख़ुदा समझना खुली हिमाक़त है।

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