Transliteration: (Wa najjainaahu wa Lootan ilal ardil latee baaraknaa feehaa lil 'aalameen)
"और हम उन्हें और लूत को नजात देकर [102] उस सरज़मीन (शाम/फ़िलिस्तीन) की तरफ़ ले गए जिसमें हमने तमाम जहान वालों के लिए बरकत रखी है [103] ।"
अल्लाह तआला ने हज़रत इब्राहीम और उनके भतीजे हज़रत लूत (अलैहिमुस्सलाम) को इराक़ (बाबिल) के ज़ालिमों से नजात बख़्श कर हिजरत की तौफ़ीक़ दी। जो अल्लाह के लिए अपना वतन छोड़ता है, अल्लाह उसे बेहतरीन ठिकाना अता फ़रमाता है।
यहाँ 'मुबारक ज़मीन' से मुराद शाम व फ़िलिस्तीन का ख़ित्ता है जो अंबिया-ए-किराम का मसकन, नहरीं, फलों और रूहानी व दुनियावी बरकतों का मरकज़ है। तमाम जहान वालों के लिए इसकी बरकतें आम हैं।
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