कुरान - 21:71 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

71
وَنَجَّيۡنَٰهُ وَلُوطًا إِلَى ٱلۡأَرۡضِ ٱلَّتِي بَٰرَكۡنَا فِيهَا لِلۡعَٰلَمِينَ

Transliteration: (Wa najjainaahu wa Lootan ilal ardil latee baaraknaa feehaa lil 'aalameen)

71. और हम उन्हें और लूत को नजात देकर [102] उस सरज़मीन (शाम/फ़िलिस्तीन) की तरफ़ ले गए जिसमें हमने तमाम जहान वालों के लिए बरकत रखी है [103] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 71 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 71 की तफ़सीर

"और हम उन्हें और लूत को नजात देकर [102] उस सरज़मीन (शाम/फ़िलिस्तीन) की तरफ़ ले गए जिसमें हमने तमाम जहान वालों के लिए बरकत रखी है [103] ।"

[102] हिजरत और तवक्कुल का समरा

अल्लाह तआला ने हज़रत इब्राहीम और उनके भतीजे हज़रत लूत (अलैहिमुस्सलाम) को इराक़ (बाबिल) के ज़ालिमों से नजात बख़्श कर हिजरत की तौफ़ीक़ दी। जो अल्लाह के लिए अपना वतन छोड़ता है, अल्लाह उसे बेहतरीन ठिकाना अता फ़रमाता है।

[103] सरज़मीने शाम की दायमी बरकतें

यहाँ 'मुबारक ज़मीन' से मुराद शाम व फ़िलिस्तीन का ख़ित्ता है जो अंबिया-ए-किराम का मसकन, नहरीं, फलों और रूहानी व दुनियावी बरकतों का मरकज़ है। तमाम जहान वालों के लिए इसकी बरकतें आम हैं।

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