कुरान - 21:72 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

72
وَوَهَبۡنَا لَهُۥٓ إِسۡحَٰقَ وَيَعۡقُوبَ نَافِلَةٗۖ وَكُلّٗا جَعَلۡنَا صَٰلِحِينَ

Transliteration: (Wa wahabnaa lahooo Ishaaqa; wa Ya'qooba naafilah; wa kullan ja'alnaa saaliheen)

72. और हमने उन्हें (इब्राहीम को) इसहाक़ और मज़ीद इनाम के तौर पर याक़ूब अता फ़रमाए; और हमने उन सबको अपने ख़ास फ़ज़्ल के लायक़ (सालेह) बनाया [104] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 72 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 72 की तफ़सीर

"और हमने उन्हें (इब्राहीम को) इसहाक़ और मज़ीद इनाम के तौर पर याक़ूब अता फ़रमाए; और हमने उन सबको अपने ख़ास फ़ज़्ल के लायक़ (सालेह) बनाया [104] ।"

[104] नेक औलाद: अल्लाह की अज़ीम नेअमत

अल्लाह तआला ने हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को बुढ़ापे में हज़रत इसहाक़ जैसा जलीलुल-क़द्र बेटा और पोते के रूप में हज़रत याक़ूब (अलैहिमुस्सलाम) अता फ़रमाए। और इन सब हज़रात को नबुव्वत, विलायत और सालेहियत का मुजस्समा बनाया। नेक औलाद इंसान के लिए दुनिया व आख़िरत दोनों में रहमत और सदक़ा-ए-जारिया है।

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