कुरान - 21:74 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

74
وَلُوطًا ءَاتَيۡنَٰهُ حُكۡمٗا وَعِلۡمٗا وَنَجَّيۡنَٰهُ مِنَ ٱلۡقَرۡيَةِ ٱلَّتِي كَانَت تَّعۡمَلُ ٱلۡخَبَـٰٓئِثَۚ إِنَّهُمۡ كَانُواْ قَوۡمَ سَوۡءٖ فَٰسِقِينَ

Transliteration: (Wa Lootan aatainaahu hukmanw wa 'ilmanw wa najjainaahu minal qaryatil latee kaanat ta'malul khabaaa'is; innahum kaanoo qawma saw'in faasiqeen)

74. और हमने लूत को हिकमत और इल्म अता फ़रमाया [108], और उन्हें उस बस्ती से नजात दी जो गन्दे काम (बदकारी) किया करती थी [109]; बेशक वे बड़े ही बुरे, नाफ़रमान लोग थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 74 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 74 की तफ़सीर

"और हमने लूत को हिकमत और इल्म अता फ़रमाया [108], और उन्हें उस बस्ती से नजात दी जो गन्दे काम (बदकारी) किया करती थी [109]; बेशक वे बड़े ही बुरे, नाफ़रमान लोग थे।"

[108] हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) को हिकमत व इल्म की अता

अल्लाह तआला ने हज़रत लूत को नुबुव्वत, फ़ैसले की हिकमत और अहकामे शरीअत का कामिल इल्म अता फ़रमाया ताकि वे अपनी क़ौम की रहनुमाई कर सकें।

[109] सदूम की बदकार बस्ती से नजात

क़ौमे लूत (सदूम के बाशिंदे) हमजिंसपरस्ती (लवातत) जैसी निहायत शर्मनाक, ग़ैर-फ़ितरी और कबीह बुराई में मुब्तला थी। हज़रत लूत ने उन्हें बहुत समझाया मगर वे बाज़ न आए। बिल-आख़िर अल्लाह ने हज़रत लूत और उनके अहले ईमान को बचा लिया और उस पूरी बस्ती को पत्थरों की बारिश और ज़मीन को उलट कर हलाक कर दिया।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now