कुरान - 8:11 सूरह अल-अन्फाल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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إِذۡ يُغَشِّيكُمُ ٱلنُّعَاسَ أَمَنَةٗ مِّنۡهُ وَيُنَزِّلُ عَلَيۡكُم مِّنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءٗ لِّيُطَهِّرَكُم بِهِۦ وَيُذۡهِبَ عَنكُمۡ رِجۡزَ ٱلشَّيۡطَٰنِ وَلِيَرۡبِطَ عَلَىٰ قُلُوبِكُمۡ وَيُثَبِّتَ بِهِ ٱلۡأَقۡدَامَ

Transliteration: (Iz yughashsheekumun nu'assa amanatam minhu wa yunazzilu 'alaikum minas samaaa'i maaa'al liyutah hirakum bihee wa yuzhiba 'ankum rijzash Shaitaani wa liyarbita 'ala quloobikum wa yusabbita bihil aqdaam)

जब अल्लाह ने तुम्हें उँगाहट (नींद) में डाल दिया, तो यह उसकी तरफ़ से तसल्ल्ली थी [21]। और उसने आसमान से पानी उतारा ताकि तुम्हें पाक कर दे [22], और तुमसे शैतान की गंदगी दूर कर दे [23], और तुम्हारे दिलों को मज़बूत बनाए और तुम्हारे क़दमों को जमाए [24]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अन्फाल आयत 11 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनफ़ाल – आयत 11 की तफ़्सीर

✅ [21] ऊँघ – अल्लाह की तरफ़ से अमन की निशानी

बद्र के मौक़े पर मुसलमानों को अल्लाह ने हल्की ऊँघ दी। इससे उनके दिलों को इत्मिनान मिला और डर दूर हो गया। मुनाफ़िक़ इससे महरूम रहे और बेचैन रहे। जंग और बहस में यह अमन की निशानी है, मगर नमाज़ में यह शैतान की तरफ़ से होती है।

✅ [22] बारिश – पाकीज़गी और आसानी के लिए

मुसलमानों के पास पानी की कमी थी। अल्लाह ने बारिश बरसाई ताकि वे वुज़ू और ग़ुस्ल कर सकें और हर तरह की नापाकी दूर हो। यह उस हालत को भी दूर कर दे जिसमें इंसान जनाबत की वजह से नापाक होता है।

✅ [23] शैतान की वसवसों का दूर होना

"शैतान की गंदगी" से मुराद बुरे ख्यालात और शक़ हैं। कुछ लोगों के दिल में शैतान ने यह डाल दिया कि यह मुश्किल अल्लाह की नाराज़गी की वजह से है। मगर बारिश ने यह शक दूर कर दिया और उनके दिलों को तसल्ली मिली।

✅ [24] दिलों और क़दमों का मज़बूत होना

बद्र की ज़मीन रेतीली थी। बारिश ने उसे सख़्त कर दिया ताकि मुसलमानों के क़दम मज़बूत रहें। इसी तरह उनके दिल भी अल्लाह ने मज़बूत कर दिए ताकि वे जंग में पूरे इरादे के साथ डट जाएँ।

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