कुरान - 8:18 सूरह अल-अन्फाल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

18
ذَٰلِكُمۡ وَأَنَّ ٱللَّهَ مُوهِنُ كَيۡدِ ٱلۡكَٰفِرِينَ

Transliteration: (Zaalikum wa annal laaha moohinu kaidil kaafireen)

यह [38] (फ़तह और मदद), और बेशक अल्लाह काफ़िरों की चालों को कमज़ोर कर देता है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अन्फाल आयत 18 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनफ़ाल – आयत 18 की तफ़्सीर

✅ [38] अल्लाह का वादा और लगातार फ़ज़ल

यह आयत ईमान वालों के लिए तसल्ली और खुशी का पैग़ाम है।
अल्लाह जैसे फरमा रहा हो कि:
“ऐ मेरे हबीब ﷺ के चाहने वालो! यह जीत और माल-ए-ग़नीमत तो अभी का इनाम है,
आगे भी तुम्हारे लिए दुनिया और आख़िरत में इज़्ज़त और बरकतें हैं।”
साथ ही यह भी बयान है कि काफ़िर चाहे जितनी चालें चलें,
अल्लाह हमेशा उनकी योजनाओं को नाकाम कर देता है।
ग़ज़वा-ए-बद्र में जो इज़्ज़त और मदद दी गई, वह तो बस इब्तिदा (शुरुआत) है,
आगे और भी फ़ज़ल और नुसरत ईमान वालों के लिए मुहैय्या होगी।

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