कुरान - 8:21 सूरह अल-अन्फाल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

21
وَلَا تَكُونُواْ كَٱلَّذِينَ قَالُواْ سَمِعۡنَا وَهُمۡ لَا يَسۡمَعُونَ

Transliteration: (Wa laa takoonoo kallazeena qaaloo sami'naa wa hum laa yasma'oon)

और उन लोगों की तरह न हो जाओ जो कहते हैं: हमने सुना, हालाँकि वह सुनते ही नहीं [45]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अन्फाल आयत 21 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनफ़ाल – आयत 21 की तफ़्सीर

✅ [45] झूठे सुनने वालों का निफ़ाक़

यह आयत मुनाफ़िक़ों की हालत बयान करती है।
वह ज़बान से कहते थे "हमने सुना",
लेकिन उनके दिल बन्द रहते और वह अमल नहीं करते।
असल मायने में उन्होंने न हक़ को समझा और न माना।
मोमिनों को ताकीद की गई कि इस तरह का झूठा सुनना न अपनाएँ।
सच्चा सुनना वही है, जिसमें क़बूल करना, तफ़क्कुर करना और इताअत करना शामिल हो।

 

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