कुरान - 8:28 सूरह अल-अन्फाल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

28
وَٱعۡلَمُوٓاْ أَنَّمَآ أَمۡوَٰلُكُمۡ وَأَوۡلَٰدُكُمۡ فِتۡنَةٞ وَأَنَّ ٱللَّهَ عِندَهُۥٓ أَجۡرٌ عَظِيمٞ

Transliteration: (Wa'lamooo annamaaa amwaalukum wa awlaadukum fitnatunw wa annal laaha 'indahooo ajrun azeem)

और जान लो कि तुम्हारे माल और तुम्हारी औलाद बस एक आज़माइश हैं [58],
और अल्लाह के पास है बड़ा अजर [59]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अन्फाल आयत 28 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनफ़ाल – आयत 28 की तफ़्सी

✅ [58] माल और औलाद एक इम्तिहान

अल्लाह ने साफ़ फ़रमाया कि माल-दौलत और औलाद दोनों ही इम्तिहान हैं।
ये इंसान को अल्लाह की याद से ग़ाफ़िल कर सकते हैं।
मुसलमान का काम है कि माल को अल्लाह की राह में खर्च करे
और औलाद की नेकी और तर्बियत का ख्याल रखे,
ताकि वो मरने के बाद भी माँ-बाप के लिए दुआ करें।

✅ [59] असली अजर अल्लाह के पास

जो लोग इन इम्तिहानों में कामयाब होते हैं,
अल्लाह उनके लिए बड़ा अजर रखता है।
अगर इंसान अक़्लमंदी से माल और औलाद की जिम्मेदारी निभाए,
तो यही आज़माइशें नेकी का ज़रिया बन जाती हैं।

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