कुरान - 8:30 सूरह अल-अन्फाल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

30
وَإِذۡ يَمۡكُرُ بِكَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لِيُثۡبِتُوكَ أَوۡ يَقۡتُلُوكَ أَوۡ يُخۡرِجُوكَۚ وَيَمۡكُرُونَ وَيَمۡكُرُ ٱللَّهُۖ وَٱللَّهُ خَيۡرُ ٱلۡمَٰكِرِينَ

Transliteration: (Wa iz yamkuru bikal lazeena kafaroo liyusbitooka aw yaqtulooka aw yukhrijook; wa yamkuroona wa yamkurul laahu wallaahu khairul maakireen)

और (ऐ हबीब ﷺ) याद करो,
जब काफ़िर लोग तुम्हारे ख़िलाफ़ साज़िश कर रहे थे –
कि तुम्हें क़ैद करें,
या तुम्हें क़त्ल करें [62],
या तुम्हें शहर से निकाल दें।
वे चालें चल रहे थे और अल्लाह भी योजना बना रहा था [63]।
और अल्लाह सबसे अच्छा तदबीर करने वाला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अन्फाल आयत 30 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनफ़ाल – आयत 30 की तफ़्सीर

✅ [62] नबी ﷺ के क़त्ल की साज़िश

इस आयत में उस वक़्त का ज़िक्र है
जब क़ुरैश के सरदार दारुन्नदवा में जमा हुए।
उन्होंने यह मशवरा किया कि नबी ﷺ को या तो
क़ैद कर दिया जाए,
या क़त्ल कर दिया जाए,
या मदीना की तरफ़ निकाल दिया जाए।
शैतान एक बूढ़े शैख़ नजदी के रूप में वहाँ मौजूद था,
और अबू जहल की राय – कि सब क़बीलों के नौजवान मिलकर
नबी ﷺ पर हमला करें – को मज़बूत किया।
मगर अल्लाह ने जिब्रील (अलैहिस्सलाम) के ज़रिए
नबी ﷺ को ख़बर दे दी।
उस रात हज़रत अली (रज़ि.) नबी ﷺ के बिस्तर पर सोए रहे
और नबी ﷺ निकल गए।
आपने निकलते वक़्त काफ़िरों पर मिट्टी डाली
और सूरा यासीन (36:8) की तिलावत की –
वे अंधे हो गए और आपको देख न सके।

✅ [63] अल्लाह की तदबीर सब पर ग़ालिब

जब काफ़िरों ने चालें चलीं,
तो अल्लाह ने भी अपनी हिकमत से योजना बनाई।
नबी ﷺ हज़रत अबू बक्र (रज़ि.) के साथ
ग़ार-ए-थौर में छिप गए।
अल्लाह ने एक मकड़ी का जाला और
एक कबूतर का घोंसला बना दिया,
जिससे ग़ार का दरवाज़ा पुराना और बे-छुआ नज़र आया।
काफ़िर लौट गए और नबी ﷺ महफ़ूज़ रहे।
इस तरह अल्लाह ने साबित कर दिया कि
उसकी सूक्ष्म तदबीर सब योजनाओं से बेहतर है।

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