कुरान - 8:36 सूरह अल-अन्फाल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

36
إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ يُنفِقُونَ أَمۡوَٰلَهُمۡ لِيَصُدُّواْ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِۚ فَسَيُنفِقُونَهَا ثُمَّ تَكُونُ عَلَيۡهِمۡ حَسۡرَةٗ ثُمَّ يُغۡلَبُونَۗ وَٱلَّذِينَ كَفَرُوٓاْ إِلَىٰ جَهَنَّمَ يُحۡشَرُونَ

Transliteration: (Innal lazeena kafaroo yunfiqoona amwaalahum liyasuddoo 'an sabeelil laah; fasayunfiqoonahaa summa takoonu 'alaihim hasratan summa yughlaboon; wal lazeena kafarooo ilaa Jahannnama yuhsharoona)

बेशक काफ़िर अपना माल खर्च करते हैं [72] ताकि लोगों को अल्लाह के रास्ते से रोकें। वे अभी भी खर्च करते रहेंगे, फिर उस पर उन्हें अफ़सोस होगा [73]। फिर वे ज़रूर मात खाएँगे [74] और काफ़िरों को जहन्नम की ओर हाँककर इकट्ठा किया जाएगा [75]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अन्फाल आयत 36 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनफ़ाल – आयत 36 की तफ़्सीर

✅ [72] इस्लाम के ख़िलाफ़ माल का इस्तेमाल

यह आयत उन क़ुरैश सरदारों पर उतरी जिन्होंने बद्र के लिए भारी माल खर्च किया। रोज़ दस ऊँट ज़बह करके अपने लश्कर को खिलाते थे। अल्लाह ने बताया कि ऐसा माल खर्च करना दरअसल इस्लाम के ख़िलाफ़ दुश्मनी है। आज भी जो लोग अपने धन को गुमराही और दीन विरोधी कामों में लगाते हैं, वे इसी आयत के हुक्म में आते हैं।

✅ [73] अफ़सोसनाक नतीजा

वे खर्च करते रहेंगे मगर उसका कोई फ़ायदा न होगा। उनका माल ही उनके लिए रुसवाई और अफ़सोस का कारण बनेगा।

✅ [74] शिकस्त की खबर

अल्लाह ने फ़रमाया कि वे मात खाएँगे। चाहे वह बद्र की तरह सीधी शिकस्त हो या धीरे-धीरे उनके निज़ाम का पतन। आख़िरकार ग़लबा सिर्फ़ ईमान वालों का होगा।

✅ [75] आख़िरत का इकट्ठा अज़ाब

क़ियामत के दिन काफ़िरों को गुच्छों की शक्ल में जमा करके जहन्नम की तरफ़ ले जाया जाएगा। यह उनके लिए ज़लील करने वाली सज़ा होगी। इसके मुक़ाबले ईमान वाले गुनहगार अगर सज़ा पाएँगे भी तो वह इन्फ़िरादी होगी ताकि रुसवाई से बचे रहें।

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