कुरान - 8:37 सूरह अल-अन्फाल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

37
لِيَمِيزَ ٱللَّهُ ٱلۡخَبِيثَ مِنَ ٱلطَّيِّبِ وَيَجۡعَلَ ٱلۡخَبِيثَ بَعۡضَهُۥ عَلَىٰ بَعۡضٖ فَيَرۡكُمَهُۥ جَمِيعٗا فَيَجۡعَلَهُۥ فِي جَهَنَّمَۚ أُوْلَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡخَٰسِرُونَ

Transliteration: (Liyameezal laahul khabeesa minat taiyibi wa yaj'alal khabeesa ba'dahoo 'ala ba'din fayarkumahoo jamee'an fayaj'alahoo fee Jahannnam; ulaaa'ika humul khaasiroon)

इस तरह अल्लाह छाँटकर अलग कर देगा ख़बीस को पाकीज़ा से [76]। फिर वह ख़बीसों को एक-दूसरे पर ढेर करता जाएगा और सबको इकट्ठा करके जहन्नम में डाल देगा [77]। यही लोग हैं जो घाटे में पड़ने वाले हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अन्फाल आयत 37 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनफ़ाल – आयत 37 की तफ़्सीर

✅ [76] हक़ और बातिल का फ़र्क़

यह आयत बताती है कि अल्लाह ईमान और कुफ़्र, सच्चाई और झूठ, पाक दिल और ख़राब दिल के बीच साफ़ इन्तिख़ाब कर देता है। इसी से ईमान वालों की पहचान और उनकी कामयाबी सामने आती है।

✅ [77] कुफ़्र की एकजुटता और आख़िरी शिकस्त

काफ़िर चाहे अहल-ए-किताब हों या मशरिक़ीन, वे अक्सर इस्लाम के खिलाफ़ एकजुट होते हैं। लेकिन कुफ़्र, चाहे कितना भी मिला लिया जाए, ख़बीस ही रहता है। ईमान पाकीज़गी है, कुफ़्र गंदगी। आख़िरकार अल्लाह सब कुफ़्फ़ार को ढेर करके जहन्नम में फेंक देगा और वही लोग असली घाटे वाले साबित होंगे।

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