Transliteration: (Wa laa takoonoo kallazeena kharajoo min diyaarihim bataranw wa ri'aaa'an naasi wa yasuddoona 'an sabeelil laah; wallaahu bimaa ya'maloona muheet)
इस आयत का ताल्लुक़ क़ुरैश के कुफ़्फ़ार से है जो बदर की जंग के लिए निकले। अबू सूफ़ियान ने जब अबू जहल को खबर दी कि काफ़िला महफ़ूज़ है और लड़ाई की ज़रूरत नहीं, तब भी उसने तकब्बुर और रियाकारी की वजह से जंग पर अड़ा रहा। नतीजा यह हुआ कि उनमें से ज़्यादातर मारे गए। मुसलमानों के लिए सबक़ है कि जिहाद घमंड या दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ़ अल्लाह की राह में होना चाहिए।
कुफ़्फ़ार का जंग का असल इरादा यह था कि मुसलमानों को गुमराह करें और उन्हें अल्लाह और उसके रसूल ﷺ से रोकें। इसके बरअक्स मुसलमानों का मक़सद सिर्फ़ और सिर्फ़ अल्लाह के नाम को बुलंद करना और उसके रसूल ﷺ की मदद करना होना चाहिए।
अल्लाह उनके तमाम कामों को जानता और उन्हें घेर कर रखता है। इस दुनिया में उन्हें मोहलत दी गई है, मगर आख़िरत में उनके हर घमंड और हर बुरी नीयत का हिसाब होगा और वे बरहक सज़ा पाएंगे।
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