कुरान - 7:139 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

139
إِنَّ هَـٰٓؤُلَآءِ مُتَبَّرٞ مَّا هُمۡ فِيهِ وَبَٰطِلٞ مَّا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Innaa haaa'ulaaa'i mutabbarum maa hum feehi wa baatilum maa kaanoo ya'maloon)

निश्चित ही, जिस चीज़ में वे लगे हुए हैं वह नाश होने वाली है और जो कुछ वे कर रहे हैं वह सब कुछ बिलकुल व्यर्थ है [297]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 139 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-आराफ़ – आयत 139 की तफ़्सीर

✅ [297] बुतपरस्ती का अंजाम सिर्फ़ तबाही है

मूसा (अलैहिस्सलाम) ने पूरे यक़ीन के साथ ऐलान किया कि बुतपरस्ती और उसके पुजारी दोनों ही नाश होने वाले हैं। उनका अमल बुनियाद से ख़ाली और व्यर्थ है, उसमें न कोई हक़ीक़त है और न कोई रूहानी क़द्र। यह बात महज़ एक चेतावनी ही नहीं बल्कि एक पैग़़ाम-ए-ग़ैबी (भविष्यवाणी) भी थी कि वे बुत और उनके पुजारी अल्लाह के हुक्म से जल्द ही मिटा दिए जाएंगे।

बनी इस्राईल को याद दिलाया गया कि उन्हें इन लोगों की तरह बुतपरस्त नहीं बनना बल्कि बुत-तोड़ने वाले बनना है, न कि बुत बनाने वाले। बाद की घटनाओं ने इस भविष्यवाणी को पूरी तरह सच साबित किया।

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