कुरान - 48:3 सूरह अल-फत्ह अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

3
وَيَنصُرَكَ ٱللَّهُ نَصۡرًا عَزِيزًا

Transliteration: (Wa yansurakal laahu nasran 'azeezaa)

और अल्लाह आपको ज़बरदस्त और इज़्ज़त वाली मदद अता फ़रमाए [6]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-फत्ह आयत 3 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-फ़तह तफ़सीर - आयत 3

"और अल्लाह आपको ज़बरदस्त और इज़्ज़त वाली मदद अता फ़रमाए [6]!"


[6] नसरन अज़ीज़ा (इलाही और सम्मानजनक मदद)

अल्लाह तआला ने अपने महबूब ﷺ को फ़तह-ए-मक्का और ग़ज़वा-ए-हुनैन में ऐसी बेमिसाल मदद अता फ़रमाई कि सिर्फ़ ज़मीनें और शहर ही फ़तह नहीं हुए, बल्कि लोगों के दिल फ़तह हो गए। मक्का के तमाम मुशरिकीन और बनू हवाज़िन का पूरा क़बीला अपनी मर्ज़ी से बारगाह-ए-मुस्तफ़ा ﷺ में हाज़िर होकर इस्लाम में दाख़िल हो गया। यह ऐसी इज़्ज़त वाली मदद थी जिसमें दुश्मन हमेशा के लिए सच्चा ग़ुलाम बन गया।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now