Transliteration: (Bal kazzaboo bis Saa'ati wa a'tadnaa liman kazzaba bis Saa'ati sa'eeraa)
"बल्कि अस्ल बात यह है कि उन्होंने क़ियामत को झुठला दिया; और जो क़ियामत को झुठलाए उसके लिए हमने दहकती आग तैयार कर रखी है [23]।"
कुफ़्फ़ार के इन तमाम एतराज़ात की अस्ल जड़ यह है कि वे आख़िरत और क़ियामत के दिन अल्लाह के सामने पेश होने और हिसाब-किताब देने के मुनकिर हैं। और जो कोई क़ियामत का इंकार करे, उसके लिए अल्लाह ने 'सईर' यानी इंतिहाई भड़की हुई और दहकती हुई जहन्नम की आग तैयार कर रखी है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat