कुरान - 25:12 सूरह अल-फुरक़ान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

12
إِذَا رَأَتۡهُم مِّن مَّكَانِۭ بَعِيدٖ سَمِعُواْ لَهَا تَغَيُّظٗا وَزَفِيرٗا

Transliteration: (Izaa ra'at hum min makaanin ba'eedin sami'oo lahaa taghaiyuzanw wa zafeeraa)

जब वह (आग) उन्हें दूर जगह से देखेगी, तो वे उसके ग़ज़बनाक होने (उबलने) और भयानक चीख़ने की आवाज़ सुनेंगे [24]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-फुरक़ान आयत 12 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अल-फ़ुरक़ान – आयत 12

"जब वह (आग) उन्हें दूर जगह से देखेगी, तो वे उसके ग़ज़बनाक होने और भयानक चीख़ने की आवाज़ सुनेंगे [24]।"

[24] जहन्नम का ग़ैज़-ओ-ग़ज़ब और ख़ौफ़नाक चीत्कार

इस आयत में जहन्नम की शदीद हैबत का बयान है। जहन्नम दूर ही से जब मुजरिमों और काफ़िरों को देखेगी, तो अल्लाह के दुश्मनों पर ग़ुस्से से उबलेगी और उसकी भयानक दहाड़ और चीख़ (तग़य्युज़ व ज़फ़ीर) मीलों दूर से सुनाई देगी। यह मंज़र मुनकिरीन के दिलों को ख़ौफ़ से दहला देगा।

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