कुरान - 25:13 सूरह अल-फुरक़ान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

13
وَإِذَآ أُلۡقُواْ مِنۡهَا مَكَانٗا ضَيِّقٗا مُّقَرَّنِينَ دَعَوۡاْ هُنَالِكَ ثُبُورٗا

Transliteration: (Wa izaaa ulqoo minhaa makaanan daiyiqam muqar raneena da'aw hunaalika thuboora)

और जब वे ज़ंजीरों में जकड़े हुए उसकी किसी तंग जगह में झोंक दिए जाएंगे, तो वहाँ अपनी मौत को पुकारेंगे [25]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-फुरक़ान आयत 13 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अल-फ़ुरक़ान – आयत 13

"और जब वे ज़ंजीरों में जकड़े हुए उसकी तंग जगह में झोंक दिए जाएंगे, तो वहाँ अपनी मौत को पुकारेंगे [25]!"

[25] जहन्नम का तंग मक़ाम और मौत की तमन्ना

जहन्नम में काफ़िरों के हाथ-पाँव गर्दनों के साथ ज़ंजीरों में जकड़कर उन्हें आग की इंतिहाई तंग और घुटन भरी जगह में उल्टा फेंक दिया जाएगा। उस असहनीय अज़ाब, घुटन और ज़िल्लत से घबराकर वे चीख़-चीख़कर मौत मांगेंगे ताकि इस अज़ाब से छुटकारा मिल जाए।

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