कुरान - 25:17 सूरह अल-फुरक़ान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

17
وَيَوۡمَ يَحۡشُرُهُمۡ وَمَا يَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ فَيَقُولُ ءَأَنتُمۡ أَضۡلَلۡتُمۡ عِبَادِي هَـٰٓؤُلَآءِ أَمۡ هُمۡ ضَلُّواْ ٱلسَّبِيلَ

Transliteration: (Wa Yawma yahshuruhum wa maa ya'budoona min doonil laahi fa yaqoolu 'a-antum adlaltum 'ibaadee haaa'ulaaa'i am hum dallus sabeel)

और जिस दिन वह उन्हें और अल्लाह के सिवा जिनकी वे इबादत करते थे उन सबको इकट्ठा करेगा [30], तो (उन माबूदों से) पूछेगा, 'क्या तुमने मेरे इन बंदों को गुमराह किया था या वे खुद रास्ते से भटक गए थे [31]?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-फुरक़ान आयत 17 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अल-फ़ुरक़ान – आयत 17

"और जिस दिन वह उन्हें और जिन्हें वे पूजते थे सबको इकट्ठा करेगा [30], तो पूछेगा, 'क्या तुमने मेरे इन बंदों को गुमराह किया था या वे खुद भटक गए थे [31]?'"

[30] हश्र के मैदान में आबिदों और माबूदों का इज़्तिमा

क़ियामत के दिन अल्लाह तआला मुशरिकीन और उनके तमाम माबूदों (जिनमें हज़रत ईसा, हज़रत उज़ैर, फ़रिश्ते, सालेहीन और बुत सब शामिल हैं) को एक मैदान में जमा फ़रमाएगा ताकि हक़ व बातिल सबके सामने खुलकर ज़ाहिर हो जाए।

[31] माबूदों से इल्ज़ामी सवाल

अल्लाह तआला सब कुछ जानने के बावजूद उन पूजे जाने वालों से सवाल फ़रमाएगा कि क्या तुमने मेरे इन बन्दों से अपनी इबादत करने को कहा था और इन्हें गुमराह किया था, या ये खुद अपनी बदबख़्ती से सीधे रास्ते से भटक गए थे? यह सवाल मुशरिकीन को सबके सामने रुस्वा और ला-जवाब करने के लिए होगा।

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