कुरान - 25:16 सूरह अल-फुरक़ान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

16
لَّهُمۡ فِيهَا مَا يَشَآءُونَ خَٰلِدِينَۚ كَانَ عَلَىٰ رَبِّكَ وَعۡدٗا مَّسۡـُٔولٗا

Transliteration: (Lahum feehaa maa yashaaa'oona khaalideen; kaana 'alaa Rabbika wa'dan mas'oolaa)

उनके लिए उसमें वह सब कुछ होगा जो वे चाहेंगे [28], वे उसमें हमेशा रहेंगे; यह आपके रब के ज़िम्मे एक ऐसा वादा है जिसकी मांग की जाती रही है [29]।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-फुरक़ान आयत 16 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अल-फ़ुरक़ान – आयत 16

"उनके लिए उसमें वह सब कुछ होगा जो वे चाहेंगे [28], वे उसमें हमेशा रहेंगे; यह आपके रब के ज़िम्मे वादा-ए-मस्ऊल है [29]।"

[28] अहले-जन्नत की तमाम दिली मुरादों का हुसूल

जन्नत में अहले-ईमान की हर ख़्वाहिश, हर आरज़ू और हर तमन्ना बिना किसी रुकावट या ताख़ीर के फ़ौरन पूरी कर दी जाएगी। वहाँ न कोई ग़म होगा, न ज़वाल और न मौत।

[29] वादा-ए-मस्ऊल यानी लाज़िमुल-वफ़ा वादा

'वादा-ए-मस्ऊल' का मतलब यह है कि यह ऐसा पुख़्ता वादा है जिसकी इल्तिजा नेक बन्दे दुनिया में दुआओं के ज़रिए करते रहे (जैसा कि क़ुरआन में दुआ है: 'रब्बना व आतिना मा वअत्तना अला रुसुलिक'), और अल्लाह तआला अपने फ़ज़्ल-ए-करम से इस वादे को ज़रूर पूरा फ़रमाएगा।

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