कुरान - 25:48 सूरह अल-फुरक़ान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

48
وَهُوَ ٱلَّذِيٓ أَرۡسَلَ ٱلرِّيَٰحَ بُشۡرَۢا بَيۡنَ يَدَيۡ رَحۡمَتِهِۦۚ وَأَنزَلۡنَا مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءٗ طَهُورٗا

Transliteration: (Wa Huwal lazeee arsalar riyaaha bushran baina yadai rahmatih; wa anzalnaa minas samaaa'i maaa'an tahooraa)

और वही है जो अपनी रहमत से पहले हवाओं को ख़ुशख़बरी बनाकर भेजता है [90]; और हमने आसमान से पानी उतारा [91] जो निहायत पाक करने वाला है [92]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-फुरक़ान आयत 48 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अल-फ़ुरक़ान – आयत 48

"और वही है जो अपनी रहमत से पहले हवाओं को ख़ुशख़बरी बनाकर भेजता है [90]; और हमने आसमान से पाक करने वाला पानी उतारा [91-92];"

[90] बारिश से पहले ठंडी हवाओं की बशारत

बारिश अल्लाह की ख़ास रहमत है। उस रहमत के बरसने से पहले अल्लाह तआला ठंडी और ख़ुशगवार हवाएं चलाता है जो प्यासी मख़्लूक़ को यह बशारत देती हैं कि अब अबर-ए-रहमत बरसने वाला है।

[91] आसमान से बारिश का नुज़ूल

अल्लाह तआला आसमान से बादलों के ज़रिए पानी बरसाता है जो ज़मीन के ज़र्रे-ज़र्रे को सैराब करता है और क़हतसाली को ख़त्म कर देता है।

[92] 'मा-अन तहूरा' यानी खुद पाक और दूसरों को पाक करने वाला पानी

'तहूर' उस पानी को कहते हैं जो खुद भी पाक व साफ़ हो और दूसरी नापाक चीज़ों को भी पाक कर दे। बारिश का पानी आसमानी फ़िल्टर से छनकर आता है, जिससे वुज़ू, गुस्ल और तमाम तहारतें जायज़ हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now