Transliteration: (Wa Huwal lazee khalaqa minal maaa'i basharan fa ja'alahoo nasaban wa sihraa; wa kaana Rabbuka Qadeeraa)
"और वही है जिसने इंसान को पानी से पैदा किया, फिर नसब और ससुराल के रिश्ते बनाए [98]; और आपका रब बड़ी क़ुदरत वाला है [99]।"
अल्लाह तआला ने एक हक़ीर पानी की बूंद (नुत्फ़ा) से इंसान जैसा बा-शुऊर व हसीन वुजूद पैदा फ़रमाया। फिर इंसानी समाज की बक़ा के लिए दो तरह के रिश्ते क़ायम किए: एक 'नसब' यानी ख़ून और नस्ल के रिश्ते (जैसे बाप, बेटा, भाई, चचा), और दूसरा 'सिहर' यानी निकाह के ज़रिए बनने वाले ससुराल के रिश्ते (जैसे सास, ससुर, साला, दामाद)। इन रिश्तों से इंसानी मुहब्बत और तहज़ीब का निज़ाम चलता है।
एक ही तरह के पानी से मर्द और औरत दोनों का पैदा होना और उनसे मुतअद्दिद ख़ानदानों और क़बीलों का वजूद में आना अल्लाह की अज़ीम कु़दरत और हिकमत का खुला सबूत है।
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