Transliteration: (Wa maa arsalnaaka illaa mubashshiranw wa nazeeraa)
"और हमने आपको सिर्फ़ ख़ुशख़बरी सुनाने वाला और डराने वाला बनाकर भेजा है [102]।"
हुज़ूर अक़दस ﷺ की आमद का मक़सद यह है कि जो लोग ईमान लाएं और नेक आमाल करें उन्हें जन्नत और रज़ा-ए-इलाही की बशारत (ख़ुशख़बरी) सुनाएं, और जो कुफ़्र व नाफ़रमानी का रास्ता चुनें उन्हें अल्लाह के ग़ज़ब और जहन्नम के अज़ाब से डराएं। अगर कोई बदबख़्त इसके बावजूद ईमान न लाए तो नबी पर कोई इल्ज़ाम नहीं।
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