Transliteration: (Wa tawakkal 'alal Haiyil lazee laa yamootu wa sabbih bihamdih; wa kafaa bihee bizunoobi 'ibaadihee khabeeraa)
"और उस हमेशा ज़िन्दा रहने वाले पर भरोसा कीजिए जिसे मौत नहीं आनी [104], और उसकी हम्द के साथ तस्बीह कीजिए; और वह बंदों के गुनाहों से बाख़बर होने के लिए काफ़ी है।"
इंसानों और दुनियावी ताक़तों पर भरोसा करने वाला आख़िरकार मायूस होता है क्योंकि हर मख़्लूक़ फ़ानी है। भरोसा सिर्फ़ उस ज़ात पर होना चाहिए जो 'अल-हय्य' (सदा ज़िन्दा) है, जिसे न कभी मौत आ सकती है और न ज़वाल। नबी-ए-करीम ﷺ को हुक्म दिया गया कि काफ़िरों की साज़िशों के मुक़ाबले में सिर्फ़ अल्लाह पर तवक्कुल रखें और उसकी हम्द व तस्बीह में मश्ग़ूल रहें। अल्लाह मुजरिमों के हर अमल से बाख़बर है और उनका मुहासिबा फ़रमाएगा।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat