Transliteration: (Qul maaa as'alukum 'alaihi min ajrin illaa man shaaa'a ai yattakhiza ilaa Rabbihee sabeelaa)
"आप कह दीजिए, 'मैं तुमसे कोई उजरत नहीं मांगता सिवाय इसके कि जो चाहे अपने रब की तरफ़ रास्ता इख़्तियार कर ले [103]।'"
हुज़ूर ﷺ ने साफ़ फ़रमा दिया कि मैं अपनी इस तब्लीग़ और ख़ैरख़्वाही पर तुमसे किसी दुनियावी माल, दौलत या सरदारी का मुतालबा नहीं करता। मेरा सिला सिर्फ़ यह है कि तुम में से जो कोई चाहे वह हिदायत पाकर अपने रब की रज़ा का रास्ता पकड़ ले और जहन्नम से बच जाए। नबी की सबसे बड़ी तमन्ना यही होती है कि मख़्लूक़ ख़ुदा से जुड़ जाए।
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