Transliteration: (Allazee khalaqas samaawaati wal arda wa maa bainahumaa fee sittati aiyaamin thumma stawaa 'alal 'Arsh; ar Rahmaanu fas'al bihee khabeeraa)
"जिसने आसमानों और ज़मीन को छह दिनों में पैदा फ़रमाया [105], फिर अर्श पर इस्तिवा फ़रमाया [106]; वह रहमान है, पस किसी बाख़बर से पूछो।"
अल्लाह तआला 'कुन' (हो जा) कहकर पलक झपकते ही पूरी कायनात पैदा करने पर क़ादिर था, लेकिन छह दिनों (इतवार से जुमा तक) में पैदा फ़रमाकर बन्दों को यह तालीम दी कि हर काम में सब्र, तदबीर और तर्तीब होनी चाहिए।
'इस्तिवा अलल-अर्श' मुतशाबिहात में से है। अहले सुन्नत वल जमाअत का अक़ीदा है कि अल्लाह तआला अपनी शान के मुताबिक़ अर्श पर मुस्तवी (हुक्मरान) हुआ, वह जिस्म, मक़ाम और बैठने से पाक है। और 'फ़स्अल बिही ख़बीरा' से मुराद यह है कि अल्लाह तआला की ज़ात व सिफ़ात और उसकी मअरिफ़त के राज़ हुज़ूर अक़दस ﷺ से पूछो जो कायनात में सबसे बड़े बाख़बर और आलिम-ए-असरार हैं।
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