Transliteration: (Wa huwal lazee ja'alal laila wannahaara khilfatan liman araada 'any yazzakkara aw araadaa shukooraa)
"और वही है जिसने रात और दिन को एक-दूसरे का जानशीन बनाया [110], उसके लिए जो नसीहत ले या शुक्रगुज़ारी चाहे [111]।"
अल्लाह तआला ने रात और दिन को एक-दूसरे के पीछे आने वाला (ख़िल्फ़तन) बनाया। जब रात जाती है तो दिन आ जाता है, और दिन रुख़्सत होता है तो रात छा जाती है। अगर किसी बंदे का कोई नेक अमल या इबादत दिन में छूट जाए तो वह रात में उसकी तलाफ़ी (क़ज़ा) कर सकता है, और जो रात में रह जाए वह दिन में पूरा कर सकता है।
यह तग़य्युर और मुसलसल निज़ाम उन लोगों के लिए अज़ीम नेमत है जो अपने रब की क़ुदरत से नसीहत हासिल करना चाहते हैं और उसकी नेमतों का शुक्रगुज़ार बंदा बनना चाहते हैं।
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