Transliteration: (Yudaa'af lahul 'azaabu Yawmal Qiyaamati wa yakhlud feehee muhaanaa)
"क़ियामत के दिन उसके लिए अज़ाब दोगुना कर दिया जाएगा और वह उसमें हमेशा ज़लील होकर रहेगा [120]।"
जो लोग शिर्क के साथ-साथ क़त्ल और बदकारी जैसे गुनाहों में मुब्तला रहे, उनके लिए क़ियामत के दिन अज़ाब दर अज़ाब (दोगुना) कर दिया जाएगा—एक कुफ़्र का अज़ाब और दूसरा इन कबीरा गुनाहों का अज़ाब। और वे हमेशा-हमेशा जहन्नम में ज़िल्लत व रुस्वाई की हालत में पड़े रहेंगे।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat