Transliteration: (Wa man taaba wa 'amila saalihan fa innahoo yatoobu ilal laahi mataabaa)
"और जो तौबा करता है [124] और नेक अमल करता है, तो बेशक वह अल्लाह की तरफ़ सच्चा रुजूअ करता है।"
सच्ची तौबा सिर्फ़ ज़बान से 'अस्तग़फ़िरुल्लाह' कहने का नाम नहीं, बल्कि गुनाहों पर दिल से शर्मिंदा होना, आइंदा न करने का पुख़्ता इरादा करना और अपनी अमली ज़िन्दगी में नेकियों को अपनाना है। जो ऐसा करता है, वह हक़ीक़त में अपने रब की रज़ा की तरफ़ रुजूअ करता है और अल्लाह ऐसे बन्दों से बेपनाह मुहब्बत फ़रमाता है।
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