Transliteration: (Wallazeena laa yash hadoonaz zoora wa izaa marroo billaghwi marroo kiraamaa)
"और जो झूठी गवाही नहीं देते [125], और जब बेहूदा बात के पास से गुज़रते हैं तो बा-वक़ार गुज़र जाते हैं [126];"
'इबादुर-रहमान' की छठी सिफ़त यह है कि वे कभी झूठी गवाही नहीं देते। 'ज़ूर' में हर क़िस्म का झूठ, बोहतान, मुशरिकाना मेले-ठेले, गाने-बाजे और बेहूदा महफ़िलें शामिल हैं। वे इन तमाम गुनाह की जगहों से अपने आप को दूर रखते हैं।
अगर कभी राह चलते उनका गुज़र किसी बेहूदा मन्ज़र या फ़ुज़ूल बातों के पास से हो जाए, तो वे उसमें दिलचस्पी नहीं लेते बल्कि अपनी इज़्ज़त और दीनी वक़ार को बचाते हुए ख़ामोशी से आगे बढ़ जाते हैं।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat