Transliteration: (Wallazeena yaqooloona Rabbanaa hab lanaa min azwaajinaa wa zurriyaatinaa qurrata a'yuninw waj 'alnaa lilmuttaqeena Imaamaa)
"और जो दुआ करते हैं, 'ऐ हमारे रब! हमें हमारी बीवियों और औलाद से आँखों की ठंडक दे [128], और हमें मुत्तक़ियों का इमाम बना दे [129]!'"
उनकी आठवीं सिफ़त अपने अहलो-अयाल के लिए यह जामेअ दुआ है। मोमिन के लिए बीवी और बच्चों की तरफ़ से अस्ल आँखों की ठंडक यह है कि वे अल्लाह और उसके रसूल ﷺ के फ़रमाबरदार हों, नमाज़ों की पाबंदी करें और हयादार ज़िन्दगी गुज़ारें। गुनाहगार औलाद दिल का नासूर है और नेक औलाद दुनिया व आख़िरत की ठंडक है।
वे यह भी दुआ करते हैं कि ऐ अल्लाह! हमें नेकी, तक़वा और ख़ैर के कामों में मुत्तक़ी लोगों का पेशवा और रहनुमा बना दे, ताकि लोग हमारे नक़्शे-क़दम पर चलकर दीन सीखें। यह दुनियावी हुकूमत की तलब नहीं बल्कि दीन की सरबुलन्दी की आरज़ू है।
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