Transliteration: (Khaalideena feehaa; hasunat mustaqarranw wa muqaamaa)
"वे उसमें हमेशा रहेंगे; वह ठहरने और रहने के एतबार से कितनी बेहतरीन जगह है [132]!"
जन्नत में अहले-ईमान हमेशा-हमेशा रहेंगे, न कभी वहां से निकाले जाएंगे और न कभी वहां मौत या ज़वाल आएगा। वह क़ियाम और सुकून के एतबार से सबसे हसीन, अफ़ज़ल और पाकीज़ा मक़ाम है जहाँ हर तरह की नेमतें, लज़्ज़तें और दीदार-ए-इलाही की सादतें मयस्सर होंगी।
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