कुरान - 25:76 सूरह अल-फुरक़ान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

76
خَٰلِدِينَ فِيهَاۚ حَسُنَتۡ مُسۡتَقَرّٗا وَمُقَامٗا

Transliteration: (Khaalideena feehaa; hasunat mustaqarranw wa muqaamaa)

वे उसमें हमेशा रहेंगे; वह ठहरने और रहने के एतबार से कितनी बेहतरीन जगह है [132]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-फुरक़ान आयत 76 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अल-फ़ुरक़ान – आयत 76

"वे उसमें हमेशा रहेंगे; वह ठहरने और रहने के एतबार से कितनी बेहतरीन जगह है [132]!"

[132] जन्नत की दायमी नेमतें और हसीन तरीन ठिकाना

जन्नत में अहले-ईमान हमेशा-हमेशा रहेंगे, न कभी वहां से निकाले जाएंगे और न कभी वहां मौत या ज़वाल आएगा। वह क़ियाम और सुकून के एतबार से सबसे हसीन, अफ़ज़ल और पाकीज़ा मक़ाम है जहाँ हर तरह की नेमतें, लज़्ज़तें और दीदार-ए-इलाही की सादतें मयस्सर होंगी।

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