कुरान - 15:60 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

60
إِلَّا ٱمۡرَأَتَهُۥ قَدَّرۡنَآ إِنَّهَا لَمِنَ ٱلۡغَٰبِرِينَ

Transliteration: (Illam ra atahoo qaddarnaaa innahaa laminal ghaabireen (section 4))

"सिवाय उसकी औरत के; हमने ठहरा दिया है कि वह पीछे रह जाने वालों में है [70]।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 60 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 60 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"सिवाय उसकी औरत के; हमने ठहरा दिया है कि वह पीछे रह जाने वालों में है [70]।"

[70] फ़रिश्तों का इल्म और अल्लाह व रसूल की मुश्तरका निस्बत

1. अल्लाह तआला ने फ़रिश्तों को बन्दों के अंजाम (नेक-बख़्ती व बद-बख़्ती) का इल्म अता फ़रमाया है कि कौन ईमान पर मरेगा और कौन कुफ़्र पर।
2. फ़रिश्तों ने फ़रमाया: "हमने ठहरा दिया" — यानी यह फ़ैसला अल्लाह के हुक्म से अल्लाह और उसके फ़रिश्तों की तरफ़ से मुक़र्रर हुआ। चुनाँचे यह कहना पूरी तरह दुरुस्त है कि: "अल्लाह और उसके रसूल अता फ़रमाते हैं", बशर्ते कि अस्ल इख़्तियार अल्लाह ही का माना जाए।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now