कुरान - 15:61 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

61
فَلَمَّا جَآءَ ءَالَ لُوطٍ ٱلۡمُرۡسَلُونَ

Transliteration: (Falamma jaaa'a Aala Lootinil mursaloon)

फिर जब भेजे हुए फ़रिश्ते लूत के घर आए [71]— (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 61 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 61 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

फिर जब भेजे हुए फ़रिश्ते लूत के घर आए [71]—

[71] हिकमत-ए-इलाही और इम्तिहान

वे फ़रिश्ते सदूम में हज़रत लूत अलैहिस्सलाम के घर ख़ूबसूरत लड़कों की शक्ल में आए। यह हिकमत-ए-इलाही के तहत था ताकि उस बदकार क़ौम की ख़बासत और गुनाह सब पर पूरी तरह ज़ाहिर हो जाए और अज़ाब नाज़िल होने से पहले उन पर हुज्जत पूरी हो जाए।

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