Transliteration: (Fa akhazat humus saihatu musbiheen)
तो सुबह होते-होते उन्हें एक भयानक चीख़ (कड़क) ने आ पकड़ा [95]।
चौथे दिन सुबह के वक़्त आसमान से एक दिल दहला देने वाली भयानक चीख़ (सयहा) आई जिसने एक ही झटके में उन्हें हलाक कर दिया। पिछली क़ौमों पर अक्सर अज़ाब सुबह के वक़्त आया; यह मुबारक़ वक़्त है और मुनकिरीन की नाफ़रमानी इस वक़्त उनके लिए अज़ाब बन गई। इसमें फ़ज्र और तहज्जुद की अहमियत की तरफ़ भी इशारा है, जो मोमिनों के लिए बलाओं से हिफ़ाज़त का ज़रिया हैं।
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