कुरान - 49:8 सूरह अल-हुजुरात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

8
فَضۡلٗا مِّنَ ٱللَّهِ وَنِعۡمَةٗۚ وَٱللَّهُ عَلِيمٌ حَكِيمٞ

Transliteration: (Fadlam minal laahi wa ni'mah; wallaahu 'Aleemun Hakeem)

यह अल्लाह का ख़ास फ़ज़ल और उसका एहसान है। और अल्लाह सब कुछ जानने वाला, हिकमत वाला है! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हुजुरात आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हुजुरात तफ़सीर - आयत 8

"यह अल्लाह का ख़ास फ़ज़ल और उसका एहसान है। और अल्लाह सब कुछ जानने वाला, हिकमत वाला है!"


अल्लाह का फ़ज़ल और हिकमत

सहाबा किराम को ईमान की दौलत, नबी ﷺ की सच्ची मोहब्बत और गुनाहों से पाकीज़गी मिलना किसी इंसानी कमाल का नतीजा नहीं, बल्कि अल्लाह तआला का ख़ास फ़ज़ल और उसका अज़ीम एहसान है। अल्लाह ख़ूब जानता है कि कौन सा दिल उसकी नेमत और नबी की सोहबत के लायक़ है।

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