Transliteration: (Wa kam ahlaknaa minal qurooni min ba'di Nooh; wa kafaa bi Rabbika bizunoobi 'ibaadihee Khabeeram Baseeraa)
"और हमने नूह के बाद कितनी ही क़ौमों को हलाक फ़रमा दिया [46]! और आपका रब अपने बन्दों के गुनाहों से ख़बर रखने वाला, देखने वाला काफ़ी है [47]।"
हज़रत नूह अलैहिस्सलाम के बाद क़ौम-ए-आद, समूद और क़ौम-ए-लूत जैसी कितनी ही ताक़तवर क़ौमों को हलाक कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने अपने नबियों की मुख़ालिफ़त और नाफ़रमानी की थी।
चुनाँचे मक्का वालों को इससे सबक़ और इबरत हासिल करनी चाहिए — पिछलों की तबाही मौजूदा लोगों को बेदार करने के लिए काफ़ी होनी चाहिए।
अल्लाह तआला का फ़रिश्तों से आमालनामा लिखवाना और गवाह मुक़र्रर फ़रमाना अपने इल्म के लिए नहीं है (क्योंकि वह ख़ुद हर चीज़ को जानने और देखने के लिए काफ़ी है), बल्कि यह सब मुजरिमों पर हुज्जत तमाम करने के लिए है।
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