Transliteration: (Inna Rabbaka yabsuturrizqa limai yashaaa'u wa yaqdir; innahoo kaana bi'ibaadihee Khabeeran Baseera (section 3))
"बेशक आपका रब जिसके लिए चाहता है रिज़्क़ कुशादा फ़रमा देता है और जिसके लिए चाहता है तंग कर देता है। बेशक वह अपने बन्दों से ख़ूब बाख़बर, देखने वाला है [72]।"
चुनाँचे जिन्हें अल्लाह तआला ने ग़रीब रखा है वे उसकी कामिल हिकमत के तहत उस हाल में हैं, और जिन्हें उसने माल व दौलत की फ़राख़ी बख़्शी है वह भी उसकी तदबीर और मस्लेहत का हिस्सा है।
अल्लाह तआला की तक़्सीम अँधाधुँध नहीं है — बल्कि यह उसके कामिल इल्म और अपने बन्दों की ज़रूरतों, हालातों और उनकी इस्तेअदाद से मुकम्मल आगही पर मब्नी है।
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