कुरान - 17:32 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

32
وَلَا تَقۡرَبُواْ ٱلزِّنَىٰٓۖ إِنَّهُۥ كَانَ فَٰحِشَةٗ وَسَآءَ سَبِيلٗا

Transliteration: (Wa laa taqrabuz zinaaa innahoo kaana faahishatanw wa saaa'a sabeelaa)

और व्यभिचार (ज़िना) के निकट भी न जाओ; निश्चय ही वह बड़ी ही निर्लज्जता (अश्लीलता) और बहुत बुरा मार्ग है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 32 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-इस्रा – आयत 32 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] ला तक़रबुज़-ज़िना (ज़िना के निकट जाने की भी मनाही)

क़ुरआन ने केवल ज़िना करने से ही नहीं रोका, बल्कि उसके 'क़रीब जाने' से भी सख़्ती से मना फ़रमाया। इसका अर्थ है कि वे सभी रास्ते जो ज़िना की ओर ले जाते हैं—जैसे नग्नता, अश्लील दृश्य, ग़ैर-मेहरम से एकांत में मिलना, बुरी नज़र और बेशर्मी—सब हराम हैं। यह समाज और परिवार को बर्बाद करने वाला अत्यंत गंदा रास्ता है।

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