कुरान - 17:35 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

35
وَأَوۡفُواْ ٱلۡكَيۡلَ إِذَا كِلۡتُمۡ وَزِنُواْ بِٱلۡقِسۡطَاسِ ٱلۡمُسۡتَقِيمِۚ ذَٰلِكَ خَيۡرٞ وَأَحۡسَنُ تَأۡوِيلٗا

Transliteration: (Wa awful kaila izaa kiltum wa zinoo bilqistaasil mustaqeem; zaalika khairunw wa ahsanu ta'weelaa)

और जब नापो तो पूरा नापो, और बिल्कुल सीधे (सटीक) तराज़ू से तौलो; यह अधिक उत्तम है और परिणाम की दृष्टि से भी बहुत अच्छा है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 35 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-इस्रा – आयत 35 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] व्यापार में पूर्ण ईमानदारी (क़िस्तासुल मुस्तक़ीम)

नाप-तोल में बेईमानी, मिलावट और कम तोलना आर्थिक अपराध और ईश्वरीय लानत का कारण है। ईमानदारी से व्यापार करने में ही बरकत और दुनिया व आख़िरत की भलाई है।

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