कुरान - 17:36 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

36
وَلَا تَقۡفُ مَا لَيۡسَ لَكَ بِهِۦ عِلۡمٌۚ إِنَّ ٱلسَّمۡعَ وَٱلۡبَصَرَ وَٱلۡفُؤَادَ كُلُّ أُوْلَـٰٓئِكَ كَانَ عَنۡهُ مَسۡـُٔولٗا

Transliteration: (Wa laa taqfu maa laisa laka bihee 'ilm; innas sam'a walbasara walfu'aada kullu ulaaa'ika kaana 'anhu mas'oolaa)

और उस चीज़ के पीछे न पड़ो जिसका तुम्हें ज्ञान न हो; निस्संदेह कान, आंख और दिल—इनमें से प्रत्येक के बारे में (क़यामत के दिन) पूछताछ की जाएगी। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 36 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-इस्रा – आयत 36 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] सुनी-सुनाई बातों और बिना तहक़ीक़ के राय बनाने की मनाही

अटकलपच्चू, झूठी अफ़वाहों, गुप्तचरगीरी और बिना प्रमाण के किसी पर आरोप लगाने से रोका गया है। इंसान के कान (क्या सुना), आंखें (क्या देखा) और दिल (क्या इरादा और सोच रखी)—प्रत्येक अंग से अदालत-ए-इलाही में सवाल होगा।

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