कुरान - 17:6 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

6
ثُمَّ رَدَدۡنَا لَكُمُ ٱلۡكَرَّةَ عَلَيۡهِمۡ وَأَمۡدَدۡنَٰكُم بِأَمۡوَٰلٖ وَبَنِينَ وَجَعَلۡنَٰكُمۡ أَكۡثَرَ نَفِيرًا

Transliteration: (Summa radadnaa lakumul karrata 'alaihim wa amdad-naakum-bi amwaalinuw wa baneen; wa ja'alnaakum aksara nafeeraa)

फिर हमने उनके मुक़ाबले में तुम्हारा पलड़ा भारी किया [18] और मालों और बेटों से तुम्हारी मदद फ़रमाई और तुम्हारी तादाद बहुत बढ़ा दी। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 6 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-इसरा (बनी इस्राईल) – आयत 6 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"फिर हमने उनके मुक़ाबले में तुम्हारा पलड़ा भारी किया [18] और मालों और बेटों से तुम्हारी मदद फ़रमाई और तुम्हारी तादाद बहुत बढ़ा दी।"

[18] तौबा की बरकत और दोबारा इक़्तिदार

जब बनी इस्राईल ने अपनी तबाही और ज़िल्लत के बाद अल्लाह की बारगाह में सच्ची तौबा व ज़ारी की, तो अल्लाह ने उनकी तौबा क़ुबूल फ़रमाई। उन्हें दोबारा हुकूमत, दौलत और कसीर औलाद अता फ़रमाई और वे अपने पुराने दुश्मनों पर ग़ालिब आ गए। इससे मालूम हुआ कि सच्ची तौबा ज़िल्लत को इज़्ज़त में और तंगदस्ती को फ़राख़ी में बदल देती है।

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