कुरान - 17:4 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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وَقَضَيۡنَآ إِلَىٰ بَنِيٓ إِسۡرَـٰٓءِيلَ فِي ٱلۡكِتَٰبِ لَتُفۡسِدُنَّ فِي ٱلۡأَرۡضِ مَرَّتَيۡنِ وَلَتَعۡلُنَّ عُلُوّٗا كَبِيرٗا

Transliteration: (Wa qadainaaa ilaa Baneee Israaa'eela fil Kitaabi latufsidunna fil ardi marratain; wa lata'lunna'uluwwan kabeeraa)

और हमने किताब में बनी इस्राईल को साफ़ बता दिया था [14] कि तुम ज़रूर ज़मीन में दो बार फ़साद मचाओगे [15] और बड़ी सरकशी (घमंड) करोगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 4 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-इसरा (बनी इस्राईल) – आयत 4 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"और हमने किताब में बनी इस्राईल को साफ़ बता दिया था [14] कि तुम ज़रूर ज़मीन में दो बार फ़साद मचाओगे [15] और बड़ी सरकशी करोगे।"

[14] तौरात में ग़ैबी पेशीनगोई

अल्लाह तआला ने तौरात में पहले ही बनी इस्राईल को ख़बर दे दी थी कि वे आइन्दा ज़माने में दो मर्तबा बड़े फ़साद और सरकशी के मुर्तकिब होंगे।

[15] बनी इस्राईल के दो बड़े फ़साद

  1. पहला फ़साद: तौरात के अहकाम को छोड़ना, हज़रत शजयार अलैहिस्सलाम को क़त्ल करना और हज़रत इरमिया अलैहिस्सलाम को क़ैद करना।

  2. दूसरा फ़साद: हज़रत ज़करिया और हज़रत यह्या अलैहिमुस्सलाम को बेरहमी से शहीद करना, और हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम को क़त्ल करने की नापाक साज़िश रचना।

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