कुरान - 17:5 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

5
فَإِذَا جَآءَ وَعۡدُ أُولَىٰهُمَا بَعَثۡنَا عَلَيۡكُمۡ عِبَادٗا لَّنَآ أُوْلِي بَأۡسٖ شَدِيدٖ فَجَاسُواْ خِلَٰلَ ٱلدِّيَارِۚ وَكَانَ وَعۡدٗا مَّفۡعُولٗا

Transliteration: (Fa-izaa jaaa'a wa'duoolaahumaa ba'asnaaa 'alykum 'ibaadal-lanaaa ulee baasin shadeedin fajaasoo khilaalad diyaar; wa kaana wa'dam maf'oolaa)

फिर जब उन दोनों में से पहले वादे का वक़्त आया, तो हमने तुम पर अपने बड़े सख़्त जंगजू बन्दे भेजे [16], तो वे शहरों के अन्दर तक घुस गए [17]; और यह वादा पूरा होकर ही रहना था। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 5 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-इसरा (बनी इस्राईल) – आयत 5 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"फिर जब उन दोनों में से पहले वादे का वक़्त आया, तो हमने तुम पर अपने बड़े सख़्त जंगजू बन्दे भेजे [16], तो वे शहरों के अन्दर तक घुस गए [17]; और यह वादा पूरा होकर ही रहना था।"

[16] ज़ालिम हुक्मरानों का मुसल्लत होना

सख़्त जंगजू बन्दों से मुराद जालूत, बुख़्त-ए-नसर (नबूकदनेज़र) और सनहारीब की फ़ौजें थीं। जब कोई क़ौम गुनाहों और नबियों के क़त्ल की हद पार कर लेती है, तो अल्लाह तआला सज़ा के तौर पर ज़ालिम और ख़ूँख़ार बादशाहों को उन पर मुसल्लत फ़रमा देता है।

[17] शहरों में क़त्ल-ओ-ग़ारत और इन्तिक़ाम

बुख़्त-ए-नसर की फ़ौज ने यरूशलम के चप्पे-चप्पे में घुसकर बनी इस्राईल का क़त्ले-आम किया, बैतुल मुक़द्दस को वीरान किया और हज़ारों को ग़ुलाम बनाकर ले गया। अल्लाह तआला अपने मक़बूल पैग़म्बरों के ख़ून का बदला ज़ालिमों से दुनिया ही में ले लेता है।

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