Transliteration: (Wa laqad aatainaa Baneee Israaa'eelal Kitaaba walhukma wan Nubuwwata wa razaqnaahum minat taiyibaati wa faddalnaahum;alal 'aalameen)
"और बेशक हमने बनी इसराईल को किताब, और हुकूमत (हिकमत) [28], और नुबूवत अता फ़रमाई, और उन्हें पाकीज़ा चीज़ों में से रिज़्क़ [30] दिया, और उन्हें उस ज़माने के तमाम जहान वालों पर फ़ज़ीलत [31] बख़्शी।"
अल्लाह तआला ने बनी इसराईल को तीन अज़ीम नेअमतों से नवाज़ा:
आसमानी किताबें (तौरात, ज़बूर, इंजील)।
सल्तनत व हुकूमत (हज़रत दाऊद और हज़रत सुलैमान अलैहिमुस्सलाम की अज़ीम हुकूमतें)।
नुबूवत का सिलसिला जो सदियों तक उन्हीं की नस्ल में जारी रहा।
सहरा-ए-तीह में उनके लिए मन्न-ओ-सलवा जैसी जन्नती ग़िज़ा उतारी गई और पाकीज़ा चश्मों का पानी अता किया गया।
इससे दो बुनियादी सबक़ हासिल होते हैं:
अंबिया की औलाद होना मोमिन के लिए अज़ीम फ़ज़ीलत और शरफ़ की बात है।
लेकिन काफ़िर और नाफ़रमान के लिए नबियों की नस्ल होना कोई नफ़ा नहीं देता। बनी इसराईल अंबिया की औलाद थे, मगर जब उन्होंने हुज़ूर अकरम ﷺ का इनकार किया तो वे लानत और ज़िल्लत के मुस्तहिक़ हो गए।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat