Transliteration: (Man 'amila saalihan falinafsihee wa man asaaa'a fa'alaihaa summa ilaa Rabbikum turja'oon)
"जो कोई नेक अमल करता है वह अपनी ही ज़ात के फ़ायदे के लिए [26] करता है, और जो कोई बुराई करता है उसका वबाल भी उसी पर है; फिर तुम सब अपने रब ही की तरफ़ लौटाए जाओगे [27]।"
अल्लाह तआला बंदों की इबादत से बे-नियाज़ है। अगर सारी दुनिया नेक बन जाए तो अल्लाह की बादशाही में कोई इज़ाफ़ा नहीं होता, और अगर सब नाफ़रमान हो जाएं तो उसकी सल्तनत में कोई कमी नहीं आती। इंसान का हर नेक अमल उसी की अपनी नजात और बुलंदी का सबब है, और हर बुराई का वबाल उसी के सर पर है।
आख़िरकार हर जान को अपने परवरदिगार के सामने हाज़िर होना है जहाँ मुकम्मल इंसाफ़ के साथ जज़ा और सज़ा का फ़ैसला होगा।
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