Transliteration: (Wa lahul kibriyaaa'u fissamaawaati wal ardi wa Huwal 'Azeezul Hakeem (section 4) (End Juz 25))
"और आसमानों और ज़मीन में उसी के लिए बड़ाई [79] है, और वही इज़्ज़त वाला, हिकमत वाला है।"
हक़ीक़ी अजमत, किब्रियाई और जलाल सिर्फ़ और सिर्फ़ अल्लाह तआला ही की ज़ात के लिए मख़सूस है, आसमानों में भी और ज़मीन में भी।
लेकिन जिन मुक़द्दस हस्तियों को अल्लाह तआला ने अपनी अता से इज़्ज़त व शरफ़ बख़्शा—जैसे अंबिया-ए-किराम, औलिया-ए-इज़ाम और मुक़र्रब बंदे—उन्हें भी उस किब्रियाई और इज़्ज़त का परतो (अक्स) नसीब होता है। उनकी ताज़ीम और एहतिराम दरहक़ीक़त अल्लाह ही की अता की ताज़ीम है। वही ज़ात हर चीज़ पर ग़ालिब इज़्ज़त वाली और कामिल हिकमत वाली है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat