कुरान - 45:1 सूरह अल-जासिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

1
حمٓ

Transliteration: (Haa-Meeem)

हा-मीम। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-जासिया आयत 1 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-जासिया तफ़सीर - आयत 1

"हा-मीम।"

हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत का भेद

यह हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत में से है, जिनका हक़ीक़ी मफ़हूम और भेद अल्लाह तआला और उसके महबूब रसूल ﷺ के दरमियान एक इलाही राज़ है। इस पर ईमान लाना वाजिब है और इसका कामिल इल्म अल्लाह तआला ने अपने प्यारे हबीब ﷺ को अता फ़रमाया है।

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